हरियाणा CM ने सुलझाया उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद

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Haryana CM resolves Uttarakhand-Punjab Nihang dispute

पॉलिटिकल एडवाइजर को बातचीत के लिए भेजा; मारपीट केस में आज होगी रिहाई

पंजाब के निहंगों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। शुक्रवार रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से गतिरोध समाप्त हुआ। निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सैनी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।

इसके बाद सीएम सैनी ने अपने पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी को उत्तराखंड सरकार से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी। शनिवार को तरुण भंडारी खुद उत्तराखंड पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद मारपीट के मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत मिल गई।

विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में शुरू हुआ था। यहां निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। वहीं, पंजाब से बड़ी संख्या में निहंगों ने उत्तराखंड कूच का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में बॉर्डर पर ही रोक दिया था।

सीएम सैनी के पॉलिटिकल एडवाइजर बोले- निहंगों से मीटिंग हुई

सीएम नायब सैनी के पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने बताया- शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ सीएम हाउस में पंजाब के निहंगों से मीटिंग हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के प्रयास किए गए। सीएम के निर्देश पर मैं आज (शनिवार) हिमाचल प्रदेश के पावंटा गया था, जहां गुरुद्वारा साहिब में मेरी निहंगों के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग में तय हुआ कि चारों निहंगों को जमानत पर रिहा किया जाएगा। देर रात तक चारों निहंगों को रिहा कर दिया जाएगा।

पढ़िए, कैसे शुरु हुआ विवाद…

निहंग के हमले में स्थानीय घायल हुए

पूरा विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में शुरू हुआ। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों के एक जत्थे की बाइक बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंगों (मोहाली निवासी जसनप्रीत सिंह, अजय सिंह व मनप्रीत सिंह और एसएएस नगर निवासी सतविंदर सिंह) को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

स्थानीय लोगों पर भी FIR

घटना के बाद सिख समुदाय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है और निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कर्णप्रयाग कोतवाली में काउंटर एफआईआर दर्ज की गई।

गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब से उत्तराखंड कूच

विवाद शांत होने के बाद 25 जून को मोहाली और चंडीगढ़ से निहंगों का एक बड़ा जत्था चारों निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ। निहंगों ने कहा कि वे अपने साथियों को सम्मान के साथ वापस पंजाब ले जाना चाहते हैं। उनकी मांग थी कि चारों निहंगों को रिहा किया जाए, दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच हो और कथित पुलिस कार्रवाई की भी जांच कराई जाए। जत्था हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब होते हुए उत्तराखंड सीमा पर कुल्हाल पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद 26 जून को सीएम सैनी के साथ निहंगों की मीटिंग हुई।